हजारो़ं चिराग़ ख्वाहिशों के,
आँखो में यूँ जल रहे हैैं।
दिन का सुकून गुम गया है,
रातो में भी जग रहे हैं।
खुद ने ही खुद का है हाथ थामा,
खुद ही गिर कर संभल रहे हैं।
राह में काँटे बहुत से है लेकिन
कदम से कदम मिलाकर,
फ़िर भी चल रहे हैैं।
कभी कम न हो पाए लौ इसकी यारों ,ये जान –
हवा-ए रुख से भी आज लड़ रहे हैं।
-मालिनी ‘महक’
बड़ से गहराई सीखो, पीपल से सीखो ज्ञान
नीम खड़ा वह सदा कह रहा, मत सहना अपमान
कहे आंवला सभी रसों को, जीवन में अपना लेना
है बबूल की सीख न शत्रु, कभी निकट आने देना
जीवन को सुरभित करलो और सारे जग को महकाना
इस विद्या को चंदन से, ज्यादा कब किसने पहचाना
लता विटप और कंद मूल फल फूल सभी का है कहना
मत कमतर आंको हमको, हम हर प्राणी का है गहना
प्राणों की रक्षा हम करते, रोगों को भी हर लेते
बल बुद्धि यौवन हम देते, कंचन सी काया करते
फिर क्यों हम पर दानव बन कर टूट पड़ा है यह मानव
बुद्धि विपर्यय विनाशकाले, सिद्ध कर रहा यह मानव
अब भी समय शेष है, मौसम में ठंडक भी बाकी है
हिमखंडों के पिघलन की परिणति क्या तुमने आंकी है
इससे पहले कि पानी ऊपर हो जाए सिर से
विश्व ऊष्मा कम करने को वृक्ष लगाओ फिरसे
हे आर्यपुत्र अब शपथ उठा वनदेवी की प्रकृति मां की
धरती माता की रक्षा में अब वानप्रस्थ बीते बाकी 🪴🍀☘️🌿🌱🌹विकास धवन🌹🌱
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Amazing write up!😊❤️
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Wonderful words!🥰🥰
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बहुत ही सुंदर पंक्तिया!
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कुछ शब्द प्यार के जो प्यार का सागर ले आते
फिर चाहे कुछ न कह पाते
बिन बोले ही समझ जाते
दुःख के हर कोने में
खड़ा उनको पहले से पाया
छोटी सी उंगली पकड़कर
चलना उन्होंने सीखाया
जीवन के हर एक पहलू को
अपने अनुभव से बताया
हर उलझन को उन्होंने
अपना दुःख समझ सुलझाया
दूर रहकर भी हमेशा
प्यार का आशीर्वाद उन्होंने हम पर बरसाया
एक छोटी सी आहट से
मेरा साया भी पहचाना,
मेरी हर सिसकियों में
अपनी आँखों को भीगाया
आशिर्वाद उनका हमेशा हमने पाया
हर ख़ुशी को मेरी पहले उन्होंने बनाया
असमंजस के पलों में,
अपना विश्वाश दिलाया
उनके इस विश्वास को
अपना आत्म विश्वास बनाया
ऐसे पिता के प्यार से
बड़ा कोई प्यार न ईस दुनिया में है पाया।
Happy father’s Day papa
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